University Admission

प्रातः स्मरणीय श्री कल्लाजी राठौड़ की दिव्य चेतना स्वरूप श्री कल्लाजी वैदिक विश्वविद्यालय राजस्थान सरकार के विधान मण्डल अधिनियम 2018 के संख्याक 11 के दिनांक 28-03-2018 से अस्तित्व में आया।
प्राचीन ऋषि-मुनियों के तप से गुरूकुल परम्परा आधारित शिक्षा पद्धति कि पूर्ण प्रतिष्ठा, वेद-संस्कृति एवं अमूल्य साहित्य, को अक्षुण्ण रखने धरोहर की संरक्षा, वेदों के अध्ययन के साथ-साथ आयुर्वेद, खगोल विज्ञान, भारतीय शिल्प एवं संगीत परम्परा, वेदो के छः अंग शिक्षा, कल्प, निरूक्त, व्याकरण, छन्द एवं ज्योतिष को आधारभूत सामग्री के रूप में स्वीकार करके भावी पीढ़ी को भारत की महान् संस्कृति के अध्ययन, प्रचार-प्रसार, दुर्लभ पाण्डुलिपियों का संरक्षण आदि पवित्र उद्देश्य से विश्वविद्यालय की स्थापना की गई। राजस्थान संस्कृत अकादमी जयपुर, द्वारा मान्यता प्राप्त होने से लगभग 15 वर्ष पूर्व वेदपीठ एवं शोध संस्थान समिति द्वारा गुरू-शिष्य परम्परा के आधार पर निःशुल्क आवासीय शिक्षा प्रदान की जा रही है।
गुरूकुल में बह्मवेला से शयन तक वैदिक ऋचाओं का आगन्याधान, अग्निहोत्र, यज्ञ स्वस्ति वाचन एवं मंत्र-जाप आदि ऋषि परम्पराओं पर आधारित ज्ञान कराया जाता है जो श्रवण मात्र से अलौकिक आनन्द की अनुभूति कराता है।
प्रसिद्ध वास्तुकारों द्वारा परिसर को वैदिक वास्तु सिद्वांतो के अनुरूप स्वास्तिक, नक्षत्र वाटिका, आध्यात्मिक ध्यान केन्द्र एवं यज्ञशाला, गौमाता एवं गौधन के संरक्षण हेतु विशाल गौशाला, भोजनशाला एवं अन्नक्षेत्र एवं सम्पूर्ण विश्वविद्यालय विश्वस्तरीय मानदण्डों को ध्यान में रखकर निर्मित किया गया है। परिसर में प्रशासनिक भवन, आवासीय भवन, प्रयोगशाला, कम्प्यूटर-कक्ष, आदि समस्त आधुनिक सुविधाएँ उपलब्ध है। शैक्षणिक सत्र 2019-20 हेतु मई माह से प्रवेश आरंभ किया जा रहा है। प्रथम सत्र मे वैदिक वांग्मय के पाठ्यक्रम, आजीविका एवं शिक्षा के माध्यम से आर्थिक आत्मनिर्भरता के उद्देश्य को दृष्टिगत रखते हुये जीवीकोपार्जन योग्य पाठ्यक्रम चयनित किये गये है।
सहज जीविकोपार्जन हेतु बिना लाभ-हानि पद्वति (No Profit No Loss) पर छः मासीय एवं एक वर्षीय प्रमाण-पत्र पाठ्यक्रम, शास्त्री प्रथम वर्ष, डिप्लोमा तथा स्नातक एव स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम निम्नानुसार प्रारंभ किये जा रहे है। इन पाठ्यक्रमों के अध्ययन से ‘‘विद्या ददाति विनयम्, विनयात याति पात्रताम्। पात्रत्वा धनमाप्नोति, धनाद्धर्मः ततः सुखमः’’।। को चरितार्थ करने का मार्ग प्रशस्त कराया जायेगा।
समस्त पाठ्यक्रमो मे प्रवेश हेतु न्युनतम शैक्षणिक योग्यता 10+2 उत्तीर्ण है

Important:-

विद्यार्थियों के लिए महत्वपूर्ण, निचे दिए गए ऑनलाइन फॉर्म को आप भर कर online सबमिट करे एवं उसके बाद निचे उसके निचे दिए गया फॉर्म डाउनलोड करे भरे एवं "श्री कल्लाजी वैदिक यूनिवर्सिटी, कल्याण लोक , जावदा - निम्बाहेड़ा जिला- चित्तोडगढ" पर डाक के माध्यम से भेजे|

New Admission-2019 (6 Month Certificate course)

(1) पौरोहित्य एवं कर्मकाण्ड

(2) ज्योतिष

(3) योग विज्ञान

(4) वास्तु विज्ञान एवं संस्कृत वांग्मय

(5) संस्कृत शिक्षा एवं संस्कृत वांग्मय का अध्ययन

(6) कम्प्यूटर शिक्षा

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New Admission-2019 (1 Year Diploma course)

(1) पौरोहित्य एवं कर्मकाण्ड

(2) ज्योतिष

(3) योग विज्ञान

(4) वास्तु विज्ञान एवं संस्कृत वांग्मय

(5) संस्कृत शिक्षा एवं संस्कृत वांग्मय का अध्ययन

(6) कम्प्यूटर शिक्षा

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